#Kavita by Manglesh Jaiswal

शांति का पैगाम

 

भारत भूमि हमारी देवोपवन है।

अनमोल रिश्ते हमारे अनुपम है।।

 

अमन-चेन-शांति इसके गहने है।

हम सब आपस में भाई बहने है।।

 

चंद दिनों की यह जिंदगानी है।

यहां न कोई राजा न कोई रानी है।।

 

आऔ मिलजुल कर प्रेम के दीप जलाये।

संग संग रहे,किसी के बहकावे में न आये।।

 

मंगलेश करे सभी जन से विनती बारम्बार।

हम इंसान हे करो एक दूजे से प्यार अपार।।

 

डॉ मंगलेश जायसवाल

9926034568

215 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.