#Kavita by Manoj Kumar Srivastava

उपकार कर दीजिए

 

मैं भी जन्नत में,

सोना चाहता हूँ,

इस देश के लिए,

शहीद होना चाहता हूँ,

कोई नागरिक,

मीडिया या नेता,

कोई महापुरुष,

या अभिनेता,

बस एक ,

उपकार कर दीजिए,

मुझे सैनिक बनाकर,

भारत माँ को,

उपहार कर दीजिए।(मनोज कुमार श्रीवास्तव)

 

 

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