#Kavita by Mast Prakash Panchal

बस यूँ ही …चलो देखते हैं

 

खट्टे अंगूर के पेङो को मिला के देखते हैं

चलो एक बार डाली हिला के देखते हैं। ।

 

एक बार तो वो भी डर ही जायेगा

चलो एक बार जोर से चिल्ला के देखते हैं। ।

 

नहीं रहेगा कोई भूखा प्यासा ,

चलो एक बार प्यासे को पानी भूखे को खाना खिला के देखते हैं। ।

 

ऐ मस्त ये जिन्दगी है इसे तू जीने दे

इंसान को इंसान से मिला के देखते हैं। ।

 

 

स्वरचित्त — मस्त प्रकाश पांचाल

अरणाय सांचोर जालोर राजस्थान – 9694523652

 

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