#Kavita by Mast Prakash Panchal

विश्व जल दिवस (22 मार्च )

बस यूँ ही …पानी की पुकार …

बस बचा लो मुझको तो कल होगा।
बचेगा कैसे जब नहीं जल होगा। ।

समय के साथ चेत जा
नहीं तो तेरे साथ छल होगा। ।

तरसते रह जाओगे
जब कोई नहीं नल होगा। ।

कहाँ भटकेगा मंगल चाँद तक
आखिर तेरा थल होगा। ।

अकेला पङ जायेगा
नहीं तेरा यहाँ कोई दल होगा। ।

मेरे बिन तू नहीं रहेगा
पल भर में तू चल होगा। ।

परिवार के पोधो को तू समझा दे
आखिरकार ये तेरा फल होगा। ।

ये नदी नहर झील झरने सागर
बस ये अपना जल होगा। ।

ऐ मस्त तू तो समझा कर
तेरे पास इस का भी हल होगा। ।

मस्त प्रकाश पांचाल अरणाय सांचोर जालोर राजस्थान
9694523652

2 thoughts on “#Kavita by Mast Prakash Panchal

  • May 22, 2018 at 3:13 pm
    Permalink

    Very beautiful bhai

  • May 23, 2018 at 6:36 am
    Permalink

    Very Nice jiju mast

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