#Kavita by Meghvrat Arya

“माँ को मत बताना”

मैं जब कभी जिंदगी से हारकर टूट जाऊँ तो माँ को मत बताना,
वो बेचारी हर पल मुझे जिंदगी से लड़ना सिखाती है।

मैं कहीं खो जाऊँ तो मेरे होने की खबर माँ को जरूर देना,
वो बेचारी हर रोज मुझे जीना सिखाती है।

मैं सो जाऊँ तो मेरे रोने की खबर माँ को मत देना,
वो बेचारी मुझे हँसने के तरीके दिखाती है।

मैं जब ना खाऊँ तो माँ को मत बताना,
वो वहाँ दूर बैठकर खुद भी नहीं खाती है।

मैं दीवाली पे घर ना आऊँ तो माँ को बताना,
कि मुझे यहाँ तन्हा बैठकर, उसकी बड़ी याद आती हैं।

Written By: Meghvrat Arya

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