#Kavita by Mohd. Adil Sarfarosh

कैसा खून खराबा है?

 

बंद करो हिंसा की बातें

ये कैसा खून खराबा है।

हम गाँधी के अनुयायी हैं

अमन से रिश्ता नाता है।।

 

नानक का गुरु ग्रन्थ साहिब

सबको प्यार सिखाता है।

यही तो कहती अपनी गीता

यही कुरआन बतलाता है।।

 

मियांजी रसखान जहाँ पर

गीत कृष्ण के गाता है।

सारे जहाँ से अच्छा वाला

अल्लामा इकबाल सुनाता है।।

 

जहाँ धर्म के ठेकेदारों की

कबीरा वाट लगाता है।

जहाँ पे पेशवा बाजीराव

मस्तानी को अपनाता है।।

 

बंद करो हिंसा की बातें

ये कैसा खून खराबा है।

हम गाँधी के अनुयायी हैं

अमन से रिश्ता नाता है।।

 

-आदिल सरफ़रोश

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