#Kavita By Mohit Jagetia

महिला दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।

मैं नारी हूँ
कोख में कही बार हारी हूँ।
जग मेरे से बना है
में जग से कही बार हारी हूँ।
ये श्रष्टि मेरे से सजी है।
मैं ही माँ की ममता हूँ
मैं बेटी की जिम्मेदारी हूँ
मैं बहन तो भाई की कलाई हूँ
मैं प्रेम की परिभाषा हूँ
हर रिश्ता मेरे से बना है।।
मैं नारी हूँ
जग की आधी आबादी हूँ
में ही शक्ति हूँ मैं ही भक्ति हूँ
मैं ही लक्ष्मी,दुर्गा,सीता,राधा रूखमणी
मैं ही मीरा,पद्मावती,झांसी की रानी
मैं ही कल्पना,मैं ही हेमा दास हूँ।
मैं नारी हूँ
मैं चंचल हूँ मैं कठोर हूँ
मैं वेदना हूँ में सवेदना हूँ
मैं करुणा,दया और विश्वास हूँ।
आज में नारी हूँ इसलिए ये
दुनिया है।।।
मोहित जागेटिया

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