#Kavita by Mukesh Bohara Aman

प्यारे चांद

 

गोरे गोरे प्यारे चांद।

सब तारों से न्यारे चांद।।

 

बच्चों के मन भाता चांद।

नभ के आंगन आता चांद।।

 

नभ में चमके शीतल चांद ।

मन हर लेता केवल चांद।।

 

नभ में बादल तारे चांद।

हम बच्चों को प्यारे चांद।।

 

मुकेश बोहरा अमन

गीतकार

बाड़मेर राजस्थान

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