#Kavita by Mukesh Bohara Aman

समय भगवान

 

समय बड़ा बलवान ।

सबका है भगवान ।।

 

समय सार सागर से गहरा,

पल पल सीपी मोती ।

 

साथ समय के चलने से ही,

जग में ज्योति होती ।।

 

समय सार संसार सकल सा,

पल पल के पर् जानत ।

 

भुगते भार सभी का भर भर,

लगे उसी पर लानत ।।

 

नाव समय पतवार समय की,

समय भंवर सब खेती ।

 

साथ समय के चलने से ही,

जग में ज्योति होती ।।

 

समय देव देवों से आगे ,

पूछ किसी मन ठहर ।

 

कैसा होता साथ समय का,

और समय का कहर ।।

 

समय सांप सा समय बीन सा,

समय समय सब होसी ।

 

साथ समय के चलने से ही,

जग में ज्योति होती ।।

 

समय का पहिया ऊपर नीचे,

साथ साथ मन चलना ।

 

रह गए पीछे जरा कदम भी,

फिर बैठे कर मलना ।।

 

धरना धीर जरा सा पलभर,

’अमन’ समय पर मोती ।

 

साथ समय के चलने से ही,

जग में ज्योति होती ।।

 

 

मुकेश बोहरा अमन

गीतकार

बाड़मेर राजस्थान

8104123345

 

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