#Kavita by Narpat Parihar

देश के नवयुवा कलमकारो को सम्बोधित कविता ————–

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नई उङान

ये मेरा आमन्त्रण हैं ,नई उङान भरने को

नव पल्लवित, नव पुष्पित, नव कलमकारो को ।

नई उङान है साहित्य गगन में , उसे तालीम दो।

कोशिश करो ख्यालों को उदगार करने की

साहित्य व्योम में उङान भरने की

जगा दो अपनी शक्ति स्वस्फूर्त होने की

न जरूरत है तुम्हे अन्य प्रेरणा की

मजबूर कर दो अपने जहन को , आत्मशक्ति जगाने को

कौन प्रेरित कर रहा रवि को ,

सारे जहां को आलोकित करने को

अब तुम्हे भी जरूरत है , स्वस्फूर्त होने की

आत्मशक्ति जगाने की, नई उङान भरने की

खोल के रख दो खुद को

अपने विचारो को , अपने सपनो को

साहित्य समंदर का मंथन करने को

अमृत बुँद पाने को , नई उङान भरने को

ये मेरा आमन्त्रण है , नई उङान भरने को

नव पल्लवित, नव पुष्पित, नव कलमकारो को।।

-नरपत परिहार

वणधर , रानीवाडा

9166412907

 

One thought on “#Kavita by Narpat Parihar

  • July 5, 2018 at 12:42 pm
    Permalink

    शानदार प्रेरणादायी

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