#Kavita by Nawal Pal Prabhakar

धान के खेत

 

पानी से भरे धान के खेतों में

हरियाली ऐसी छाई है।

धरा बन नई-नवेली दुल्हन

आसमां से मिलने आई है।

आंखों में काजल, तन पर गहने

छलकती खुशी वस्त्र हरे पहने

नाक में नथ, उजला सा चेहरा

मांग हरियाली से सजाई है।

धरा बन नई-नवेली दुल्हन

आसमां से मिलने आई है।

ठंडी तेज हवा ने इसको

और भी सुन्दर बना दिया

महका दिया इसके तन को

जैसे नहा के इत्र में आई है,

धरा बन नई-नवेली दुल्हन

आसमां से मिलने आई है।

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