#Kavita by Nirdosh Kumar Pathak

(ऊफ़!””””:::)

 

 

ख्वाब नहीं जो यूँ

आंखों में बस जाऊग

ऊफ़! हकीकत हूँ

मैं निशां छोड़ जाऊंगा

 

 

कवि

निर्दोष कुमार पाठक

पेन्ड्रा रोड

9893453078

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