#Kavita by Nisha Gupta

सत्य की पराकाष्ठा
एक लौ अगर जल जाये तो
जीवन सफल तब अपना मानो
हार हार नही बैठेंगे
बस मन में ये ठानो तो
राहे है ये उबड़ खाबड़
पर मंजिल पर पहुंचेगी
रुकूँगी नही तब तक इन राहों पर
मन में विश्वाश ये धारो तो
आज आप चले इस राह पर
साथ एक दिन कुछ और चलेंगे
बन जाएँगे युहीं कारवाँ
विश्वास मन में ये रख चालो तो
पहले पागल कहलाते है
जो राह बदलते दुनिया की
धीरे धीरे फिर होंगे साथ सभी
मन में आशा ये धारो तो
छोड़ छल कपट हम जीवन की
राह पकड़ रखे सत्य की
औरों को भी रखे साथ हम
जीवन को अपने तारे हम
निशा गुप्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published.