#Kavita by Nitin Singh Narouli

(भारत-विश्वगुरु).

 

 

“क्यों भूल रहे हो धरा हिन्द की,

विश्व मे सबसे निराली हैं,

इस माटी से तिलक करो,

ये हमे जान से प्यारी है,

याद करो इस माँ की खातिर

कितनो ने जान गवा दी है,

बस एक मर्ज हैं माता को

बस एक ही बची दवाई है,

चलो अब हम इस देश की खातिर

कसम आज ये लेलेंगे,

नहीं सहेंगे देशद्रोह अब

खून से होली खेलेंगे,

बहुत हो चुका हस्तछेप

अब बहुत हुई मक्कारी है,

अब हम तुम को बतलायेंगे

ताकत कितनी हमारी है।

 

अब जो नजर उठी भगवा पर,

आँखों में कील चढ़ा देंगे,

और अबकी जो गीदड़ भवकी दी,

तो नामो-निशान मिटा देंगे,

 

फिर न कोई शोर मचेगा

न कोई भृकुटि तानेगा,

संपूर्ण समूचा विश्व अब

भगवा धारी को मानेगा,

 

फिर राम नाम की माला जप कर

राम का राज शुरू होगा,

और तन में मन में राम को रखकर

भारत फिर विश्वगुरु होगा।

 

377 Total Views 17 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *