#Kavita by Om Prakash Agrwal

भोर का नमन

**

आओ माँ के श्रीचरणों मे श्रृद्धासुमन चढ़ाएं हम

और पिता के उपकारों का गीत सुमंगल गाएं हम

श्रीगुरुवर के कृपाभाव का आओ हम गुणगान करें

और प्रभू के पदपंकज पर अपना शीश झुकाएं हम

 

धरती अम्बर चाँद सितारे सूरज का भी ध्यान धरें

पर्वत सागर तरु तरुवर का सत्य हृदय से मान करें

सकल चराचर के वंदन की वीणा आज बजाएं हम

और प्रभू के पदपंकज पर अपना शीश झुकाएं हम

 

मित्र और रिपु दोनो से ही समता का व्यवहार करें

नेह स्नेह से परिपूरित हम परि परिजन परिवार करें

नमन करें स्वीकार आप प्रिय पुनि पुनि नेह जताएं हम

और प्रभू के पदपंकज पर श्रृद्धासुमन चढ़ाएं हम

 

ओम अग्रवाल (बबुआ)

Leave a Reply

Your email address will not be published.