#Kavita by Pankaj Sharma ,Jhalawar

कुछ आम कुछ खास समसामयिक बातें

 

आओ करें,गवाहों, कचहरी, इंसाफ के मौसमों की बातें

क्यों कर करें,लाचारी,भुख,फुटपाथ के मातमों की बातें

 

सूरज के उजाले को खरीद सकती है पैसे की माया

फिर क्यों कर करें, सुनसान शहर की रातों की बातें

 

हर इंसान में रचे बसे है, कई किरदारों के रंग

पल में जानवर ,पल में करें जगरातों की बातें

 

ये चमक दमक,ये आँखें चौंधियाती रोशनी, सब बन्द हो

मुझसे मत करना, कर्मों के हिसाब की किताबों की बातें

 

ये आँसू,ये इश्क,हँसी,मुस्कान,सब पर्दे के चरित्र हैं

सब बिकता है,फिर कैसे करें,दीन ओ मोहब्बतों की बातें

 

पंकज शर्मा

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