#Kavita by Prakash Chandra Baranwal

सायली छंद

हिन्दी
मातृभाषा है
सम्पर्क भाषा है
सम्पूर्ण भारत के लिए,
संस्कृत जननी है हिन्दी की
हिन्दी को राष्ट्रभाषा का मान दें
हिन्दी सवासौ करोड़ जनता की आशा है।

हिन्दी
सर्वप्रिय है
जनसम्पर्क भाषा है
हिन्दी लोकप्रिय भाषा है
राजभाषा हिन्दी को सम्मान दें
हिन्दी आत्मविश्वास गौरव का प्रतीक है
हिन्दी दिवस केवल एकदिवसीय कार्यक्रम नहीं है।

हिन्दी
राजभाषा है
इसका सम्मान करें
केवल खानापूर्ति न करें
हिन्दी के प्रचार प्रसार हेतु
भारत सरकार हिन्दी दिवस मनाती है
हिन्दी को राष्ट्रभाषा हेतु गौरव सम्मान दें।
हिन्दी
सर्वप्रिय है
जन लोकशक्ति है
संस्कृत इसकी जनक है
हिन्दी को सम्मान मिलना चाहिए
भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है हिन्दी
हिन्दी को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिए।

हिन्दी
गौरव है
जनप्रिय भाषा है
भारतवर्ष की आत्मा है
हिन्दी आत्मसम्मान की प्रतीक है
हिन्दी जनमानस की गौरवमयी गाथा है
संस्कृत जाहृन्वी से व्युतपित हिन्दी मृदुभाषी है।

प्रकाश चन्द्र बरनवाल
“वत्सल” आसनसोल

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