#Kavita by Pratap Singh Negi

कौन बनेगा राम ?

दशाब्दियों से

विजय दशमी पर

हम – दहन

करते आ रहे हैं

दशानंद को

बुराई पर

अच्छाई के

प्रतीक रूप में I

पर क्या

कभी देखा है – आज

हर गली

हर मोहल्ले हर चौराहे पर

खड़े हैं  – जिन्दा रावण

कुत्सित बाणों से

तार-तार करते  – इज्जत

माँ बहनों की ,

ये अपने साथ लिये होते हैं

अपहरण, बलात्कार, हत्या और

उत्पीडन जैसे

घातक हथियार I

सभी माताओं बहनों की आँखों में

एक ही सवाल है आपसे

इन द्शानन्दों

के संहार को – आज

कौन बनेगा राम ?

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