#Kavita by Preeti Praveen Khare

कविता-मेरे पापा

 

क्या क्या कहते पापा मेरे पापा।

ख़ुशियाँ देते पापा मेरे पापा।।

 

दिल के सच्चे पापा मेरे पापा।

कितने अच्छे पापा मेरे पापा।।

 

पूजा मंत्रों से घर पवित्र बनाते।

अच्छी आदत हर पल ही बतलाते।।

 

मिलजुल कर रहना सबको सिखलाते।

सच ही कहते पापा मेरे पापा।।

 

नाती पोतों के जैसे बन जाते।

देखो क़दम समय से ताल मिलाते।।

 

लाड़ ठिठोली उनको ख़ूब सुहाते।

हँसते रहते पापा मेरे पापा।।

 

जीवन सारा नाटक सा पाते।

हर पात्र चरित्र सच करके दिखलाते।।

 

जीवन कैसे जीते यह समझाते।

रचना रचते पापा मेरे पापा।।

 

बेटी को प्रभु का उपहार बताते।

बिटिया के आने पर जश्न मनाते।।

 

माता कौशल्या को तुल्य बताते।

दशरथ लगते पापा मेरे पापा।।

 

हर दुख में आशा के फूल खिलाते।

आशीषों से हिम्मत ख़ूब बढ़ाते।।

 

हम अपने भाग्य पर सदा इठलाते।

जोश दिलाते पापा मेरे पापा।।

 

दिल के सच्चे पापा मेरे पापा।

कितने अच्छे पापा मेरे पापा।।

 

क्या क्या कहते पापा मेरे पापा।

ख़ुशियाँ देते पापा मेरे पापा।।

~॰॰॰॰~

डॉ.प्रीति प्रवीण खरे

१९,सुरुचि नगर कोटरा सुल्तानाबाद

भोपाल म.प्र पिन-४६२००३

संपर्क-९४२५०१४७१९

One thought on “#Kavita by Preeti Praveen Khare

  • November 21, 2018 at 3:17 pm
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    can you please tell me ur biodata..i am student of class 11 …for project work i want ur biodata

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