#Kavita By Prem Prakash

हिन्दुस्तान के सरताज हूं
बुद्धि माँ का लाडला हूं

घरवाली को छोड़ दिया हूं
मैं भारत के भाग्य बनता हूं

मैंने रोस्टर पॉइंट लाया है
मैं पीएच.डी शोधार्थियों से पकोड़े तलवाता हूं

मैं ब्राह्मण को आरक्षण भी दिलाता हूं
मैं अक्सर विदेश दौरे पर रहता हूं

मैं कपड़े विदेश का पहनता हूं
मैंने make in india बनाया है

मैंने गरीबो को और गरीब बनाया!
मैं देश का चौकीदार हूं

मैं आपसे फिर पांच साल मांगता हूं
मैं संविधान को जड़ से खत्म कर दूंगा!

मैं सभी देशवासियों को भगवाधारी बना दूंगा
मैं फिर से मनुवादियों का नियम लागू करूंगा!

मैंने झाड़ू से पूरा पिछड़े लोगों को साफ कर दूंगा।
मुझे सिर्फ पांच साल और दे दों मनु का नियम लागू होगा।

मैं हिन्दुस्तान का सरताज हूं
मैं माँ का लाडला हूं!
पीएच.डी शोधार्थी
रांची विश्वविद्यालय रांची, झारखंड भारत।

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