#Kavita By Raj Malpani

नदियाँ सूख गई
कुआं हुआ खलास
हेंडपंप थक गया
कैसे बुझेगी प्यास ?
कहेते है सभी,…
“जल ही जीवन है”
अगर ऐसा कहा गया है
तो,. इसे सिद्ध करने की
आश्यकता नहीं है..
क्योंकि,..
हम खाने के बिना तो
शायद कुछ दिन जी भी ले
मगर
पानी बिना कल्पना
कर ही रूह काँप उठता है..
एक छोटी सी कोशिश
‘जल का दुरूपयोग’
करने वालो को पैगाम
_______
विश्व जल दिवस

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