#Kavita by Rajendra Bahuguna

बी.जे.पी.मे स्वागत हेै

अब डाकू,चोर,लुटेरो का इस  बी.जे.पी. में स्वागत हेै

इस विशाल हृदय  में तो व्यभिचारी भी अभ्यागत हेै

पाप,ताप,सन्ताप  सभी  इस  सरिता में धुल जाते हैं

इस कीचड में मिलकर  सारे कीचड खुद घुल जाते हैं

 

छटे-छटाये चोर उचक्के  सत्ता का  सुख भोग रहे हैं

आत्मसात करते  है  उनको जो अपने घर चोर रहे हैं

बी.जे.पी. मे  शामिल  करके  भी  सम्मान दिलाते हैं

फिर हर  प्रान्त में ये चोर ही  मोदी पुराण को गाते हैं

 

अब आधे डाकू कांग्रेस  के  बीहड छोड कर भाग गये

स.पा.,बा.स.पा.,जे.डी.यू .के  सभी  लफंगे जाग गये

हम बहेलिये  जाल बिछाकर,चारा सब में डाल रहे हैं

चाल,चरित्र और चेहरे ही तो इन चोरों को पाल रहे हैं

 

फिर हम इसीलिये तो सी.बी.आई के छापे डलवाते हैं

तभी तो  ये  भयभीत  हुये सब डाकू बीहड में आते है

ये सभी मिडिया नतमस्तक हैं आज हमारे चरणो में

केवल मोदी ही दिखता है अब चैनल के उपकरणों में

 

अमितशाह  तो  घटोत्कक्ष  है,इसी काम में माहिर हेै

इसका किस्सा  मोदी जी की सत्ता मे जग जाहिर है

ये घर के बूढे इसी के कारण  पुरातत्व को भोग रहे हैं

इस बी.जे.पी. की  राजनीति  में  ये बूढे ही रोग रहे हैं

 

अमितशाह ने शल्यचिकित्सा करके ये उपचार किया

मोदी ने घर भेज के  इनको राजनीति  उपकार किया

दागी,बागी  ओैर अनुरागी  दोनो  मिलकर छांट रहे हेै

ये अमितशाह और मोदी,बी.जे.पी.के शेयर बाट रहे हेैं

 

हम कांग्रेस  से  मुक्त  करेंगे  डाकू  साथ मिला करके

हम सभी दलो को काटेंगे उनकी बुनियाद हिला करके

ये खुला निमन्त्रण हेै मेरा व्यभिचारो के फनकारों को

कवि आग तुम देख रहे हो इस देश के इज्जतदारो को

राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा(आग)

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