#Kavita by Rajendra Bahuguna

भारत का भविष्य

भानुमति  का कुडमा फिर तैय्यार होगया

अब राहू,केतु,शनि मिला फिर यार होगया

यहा राजनीति  में  अहंकार तो  टकराते हैं

क्यों सारे पागल  प्रजातन्त्र  में  ही आते हैं

 

अखिलेश  और ममता भी खुलकर बोलेंगे

अब धीरे – धीरे गिरे-पडे़  भी  मुँह  खोलेगें

माया भी  चुप-चाप हैे, हरकत भाँप रही है

दलित वोट  की गहरायी  को  माप  रहा है

 

इस गठबन्धन में राहुल मौका  देख रहा है

जाल  बिछा कर उस पर दाना  फैंक रहा है

फिर छोटे-मोटे सभी बहेलिये  साथ खड़े है

सब बिन  सत्ता के दशकों से बेहाल पड़े हैं

 

राजनीति  में  आने का  कुछ  तो कारण हेै

पतन राष्ट्र  का  राजनीति   ही उदाहरण है

यहां  घीरे – धीरे  भ्रूण  गर्भ  में पनप रहे हैे

अब मोदी जी भी किलस रहे है,कलप रहे है

 

सच पूछो  तो  अमित शाह  की नींद उड़ी है

बस,ढूंढ  रहा  है, कहां  विरोधी  डोर जुड़ी है

आर.एस.एस. भी पागल होकर भाग रही है

फिर वि,एच.पी, बजरंगी  सैना जाग रही है

 

यदि भूखे को रोटी मिल जाये, क्या छोडेगा

अक्षम  था  जो  चलने  में, वोे  अब दौडेगा

दल-बदलू नेता प्रजातन्त्र  सडको पर लाया

इस बन्दर के  हाथों में चाकू क्यों पकडाया

 

एक  माह  से उथल-पुथल   में  फंसे  पडे हैं

ये सभी  एक दिखते  हैं सबके अलग धडे हैं

सत्ता और  संघर्ष अलग  है, अलग दिशा है

राजनीति  की  मृगतृष्णा  भी  एक निशा है

 

इस राजनीति के कोठे पर ये सब जायज है

चरित्र-हीन   सन्ताने भी ,सब  नाजायज है

अब राजनीति में बाप बदलना आम बात है

यहां वर्ण-शंकरों की दुनिया में कंहा जात है

 

यहां बीहड़  के  सरदार  खड़े  हैं सब मेले मे

फिर प्रजातन्त्र का माल बिकेगा इस ठेले में

हम मुर्दे  फिर  से  बोट-बैंक  को सहलायेंगें

जिन्न, भूत जनता  से चुनकर फिर आयेंगे

 

ये आज मिडिया, धंसा पड़ा  है इन भीडों में

यहां कच्चे  अण्डे फूट  रहे  हैं, द्रुम नीडो में

अब प्रजातन्त्र  का  डाकू  चैनल में आता है

सम्पादक  फिर  पूरा  करतब  दिखलाता है

 

यहां सबका एक ही  मुद्दा  है ,सत्ता पाना है

अश्लील शब्द  ही  राजनीति  का पैमाना है

कोई  भी  दल  हो  डाकू ने चुनकर आना है

अब ये प्रजातन्त्र,चोरों का ही ताना-बाना है

 

यहां जनता कितनी सस्ती  हैज्ञान हो गया

कर्नाटक  के  जनमत  से अनुमान हो गया

क्यों बोट-बैंक से मेरा भारत  भटक गया है

अब कवि‘आग’ये देश हवा में लटक गया है!!

राजेन्द्र प्रसाद बहुगुणा (आग)

मो0 9897399815

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