#Kavita by Rajesh kumar sharma purohit

सुख और दुख

करें रोशन दीपों से मन को हमारे।

हर ले माँ लक्ष्मी दरिद्र दुख हमारे।।
चहुँ और फैले ज्ञान का आलोक प्यारे।
रहे सब जन गण मन सुख से हमारे।।
नज़र में हम रहते है जिसके सहारे।
वही मालिक जो टालता दुख हमारे।।
धर्म के रास्ते अनेक बताये  हैं न्यारे।
तू एक चुन जो बताये सुख हमारे।।
बदलते दौर का असर तो देख प्यारे।
पुरोहित भोगता है सारे दुख हमारे।।
कवि राजेश पुरोहित

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