#Kavita by Rajesh Kumar Singh

शीर्षक:-“ना आप सुधरेंगे; ना मैं सुधरूँगा”

 

ना आप सुधरेंगे; ना मैं सुधरूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप अपना काम करेंगे; मैं अपना काम करूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप दुनिया में दोष देखेंगे; मैं स्वयं में दोष देखूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप डंक मारेंगे; मैं पट्टी बाधूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप अपना परिचय देंगे; मैं अपना परिचय दूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप सूरतबनेंगे; मैं सीरतबनूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप रुलाकर ख़ुश होंगे; मैं हँसाकर ख़ुश होऊँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप दिखावा करेंगे; मैं शांत रहूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप औरों को देखेंगे; मैं आपको देखूँगा।।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप मार डालेंगे; मैं मर जाऊँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप रावणबनने को आतुर हैं; मैं रामबनूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप लेकरख़ुश होंगे; मैं देकरख़ुश हूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आप प्रतिक्रियावादीबनेंगे; मैं क्रियावादीबनूँगा।

 

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

 

आख़िर ना आप मैंहोंगे; ना मैं आपहूँगा।

 

आप नफ़रत करेंगे; मैं प्यार करूँगा।।

64 Total Views 6 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.