#Kavita by Rajeshwari Joshi

एक दीप जलाऊ

उनके लिए जो

जिनसे मेरे घर आँगन

मे किलकारियां गूंजती हे

एक दीप जलाऊ

उनके लिए जो

पराई हो कर भी

मेरे घर को स्वर्ग

बनाये खुशियों से

महका दे

एक दीप जलाऊ

उनके लिए जो

ढलती उम्र मे

मुझे सहारा दे

एक दीप जलाऊ

उस मर्यादित बेटी

के लिए जो अपने

हुनर से उनके घर

को रोशन कर रही है

एक दीप जलाऊ

उनके लिए जो रोज

मेरे घर को साफ सुथरा

कर देती हे

और खुशियों के सदभावना

के असंख्य दीप जलाऊ

जो  हर उदास दिल मे

उमीदो की रौशनी भर दे

हर घर की चौखट पर

इंतजार का दीप जलाऊ

उस वीराने  घर पर भी

एक दीप जलाऊ  जिसके दीप  असमय  ही बूझ गए

हर उस चौराहे  पर दीप

जलाऊ जहाँ पीढ़िया  रास्ता  भटक गई हे

इस नव वर्ष पर हर घर

रोशन हो  हर दिल खुशी भरा हो ,हर बचपन  खिल खिलखिलाता  हो

सच्चे दिल से ये ही दुआ

करती हु    – राजेशवरी जोशी

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