#Kavita by Rajneeesh Pritam

वो दीवाने तो खुशनसीब थे जिनको अपने प्यार मिले
कलियों की तमन्ना थी हमको लेकिन कांटों के हार मिले

हमने खून के आंशू पी पी कर इस दिल की प्यास बुझा ली
जग जग कर हम तन्हा रातों में सपनो की भूंख मिटा ली
जब जब प्यास लगी दिल को खाली बरतन ही हर बार मिले
कलियों की तमन्ना थी हमको लेकिन कांटों के हार मिले

ये अपना साया भी अब तो अपना ही साथ नहीं देता
औरों से फिर क्या शिकवा है के बढ़के हांथ नहीं देता
जब जी भर कर जीना चाहे हमको मौत के आसार मिले
कलियों की तमन्ना थी हमको लेकिन कांटों के हार मिले

कस्में रिश्तों की दे देकर सबने हमको कनफ्यूज किया
जिसका जितना मतलब था वो उतना ही हमको यूज किया
मतलब की इस दुनिया में तो हमको मतलब के यार मिले
कलियों की तमन्ना थी हमको लेकिन कांटों के हार मिले
वो दीवाने तो खुशनसीब थे जिनको अपने प्यार मिले
रजनीश प्रीतम

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