#Kavita by Rakesh Yadav Raj

चित्रप्रदा छन्द

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विधान :~भगण भगण गुरु गुरु।

8वर्ण प्रतिचरण, 4चरण,2-2 चरण समतुकान्त।

 

हे! जगपालक आओ।

कष्ट हरो सुख लाओ।।

दुष्ट बढ़े नित सारे।

भक्त पुकारत हारे।।

 

राम सिया वन आये।

कानन छप्पर छाये।।

दैत्य वहाँ नित आते।

संत सभी दुख पाते।।

 

राम बने सुख कारी।

युद्ध हुआ तब भारी।।

लक्ष्मण क्रोधित होवे।

दानव आखिर रोवे।।

राकेश यादव “राज

 

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