#Kavita by Ramesh Raj

जन-नेता लालबहादुर शास्त्री को समर्पित एक बाल-गीत ||

हम बचपन से लाल बहादुर

तन से मन से लाल बहादुर।

अन्यायी का हम सर कुचलें

कर्म वचन से लाल बहादुर।

हर दुश्मन की कमर तोड़ दें

हम चिन्तन से लाल बहादुर।

मित्रों को शीतलता देते

हम चन्दन-से लाल बहादुर।

कोई यदि हमको ललकारे

बनें अगन-से लाल बहादुर।

-रमेशराज

 

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