#Kavita by Ramesh Raj

मुक्तछंद-✒
।। होरीराम जुड़ो मेरी कविता के साथ ।।
सुनो होरीराम!
कविता तुम्हें जोड़ेगी
धूमिल और मुक्तिबोध से
कविता में तुम्हें
दिखलाई पड़ेगा दुष्यंत
तुम्हारे कुम्हलाये मन के भीतर
लाता हुआ वंसत।

इस वक्त तुम्हें लगेगा
तुम्हारे हित में है
सारे के सारे शब्द,
तुम्हें सुख-समृद्धि से
जोड़ रही है मेरी भाषा
तुम्हें दुःखदर्दों से
मोड़ रही है मेरी भाषा,
मेरी कविता के साथ जुड़ो होरीराम!
होरीराम जुड़ो मेरी कविता के साथ |

कविता तुम्हें करायेगी
इस बात की पहचान
किसी चालकी के साथ
तुम से छीन लिए गये
तुम्हारे खेत-खलिहान।
किस तरह पहुंच गये
महाजन के बहीखाते तक
तुम्हारे अंगूठे के निशान।

कविता तुम्हें समझायेगी
बिजूका की तरह
खड़े रहे हो तुम
जिन खेतों के बीच
जहां तुमने सही है
चिलचिलाती धूप
भूख और प्यास,
जहां लिखा गया है
तुम्हारे खून-पसीने का इतिहास
जहां तुम्हारी खुर्पियों ने
काटी है घास
वे खेत तुम्हारे हैं
वे खलिहान तुम्हारे हैं।

मेरी कविता के साथ जुड़ो होरीराम!
होरीराम जुड़ो मेरी कविता के साथ |
कविता एक सहेली बन जाएगी
तुम्हारी धनिया के साथ।
कविता लेकर आयी है
तुम्हारे भूखे बच्चों को
चावल-दाल-भात।

कविता
तुम्हारे आदिम घावों को
सहलायेगी
तुम्हारे बेटे गोबर से
शोषण के खिलाफ
आक्रोश से भर जायेगी,
मेरी कविता के साथ जुड़ो होरीराम
होरीराम जुड़ो मेरी कविता के साथ।
-रमेशराज

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