#Kavita By Ramesh Raj

राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत एक बालगीत।।

बोल बोलते प्यारे हम
दुश्मन को अंगारे हम।

हर बहरे के कान खुलें
भगत सिंह के नारे हम।

सीमा पर अड़-अड़ लड़ते
कभी न हिम्मत हारे हम।

भारत माँ के हैं बालक
जैसे चाँद सितारे हम।

पहले तीर दुधारी थे
अब एटम को धारे हम।

और न होने देंगे अब
भारत के बँटवारे हम।
-रमेशराज

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