#Kavita By Ramesh Raj

बाल-गीत

आओ बंटी बबलू आओ
देश प्रेम के गीत सुनाओ।

आओ रधिया ,रतिया आओ
भारत भू पर बलि-बलि जाओ।

आओ मोहन, अब्दुल आओ
जाति कौम के भेद मिटाओ।

आओ सूफी सन्तो आओ
सच का मारग हमें सुझाओ

आओ सारे भारतवासी
वंदेमातरम् गान गुँजाओ।

 

-बालगीत-
सैर-सपाटे करते-करते जी अब ऊब चला
अब पढ़ना है आओ पापा लौट चलें बंगला।

पिकनिक खूब मनायी हमने जी अपना हर्षाया
देखे चीते भालू घोड़े चिड़ियाघर मन भाया
तोते का मीठा स्वर लगता कितना भला-भला।
अब पढ़ना है आओ पापा लौट चलें बँगला ।|

पूड़ी और पराठे घी के बड़े चाव से खाये
यहाँ झील, झरने पोखर अति अपने मन को भाये
खूब बजाया चिड़ियाघर में बन्दर ने तसला।
अब पढ़ना है आओ पापा लौट चलें बँगला।|
-रमेशराज

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