#Kavita by Rameshwari Nadan

बचपन

——

मेरा बचपन ,तेरा बचपन

खिलती मुस्कान ये बचपन

कभी रूठता कभी मनाता

कभी सताता कभी बहलाता

खुशयों की फुहार ये बचपन

 

मम्मी पापा का प्यारा बचपन

दादा-दादी का दुलारा बचपन

राजा-रानी की कथा सुनाता

दोस्तों की टोली भी बनाता

मासूम औऱ नादान ये बचपन

मेरा बचपन तेरा बचपन

खिलती मुस्कान ये बचपन

 

जात-पात से  है अनजान

मस्ती की है ये पहचान

दिल को भाता मेहमान बचपन

खुशियों की दुकान है बचपन

मेरा बचपन तेरा बचपन

सबसे सुंदर प्यारा बचपन

रामेश्वरी(नादान)

 

87 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.