#Kavita by Rameshwari Nadan

बचपन

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मेरा बचपन ,तेरा बचपन

खिलती मुस्कान ये बचपन

कभी रूठता कभी मनाता

कभी सताता कभी बहलाता

खुशयों की फुहार ये बचपन

 

मम्मी पापा का प्यारा बचपन

दादा-दादी का दुलारा बचपन

राजा-रानी की कथा सुनाता

दोस्तों की टोली भी बनाता

मासूम औऱ नादान ये बचपन

मेरा बचपन तेरा बचपन

खिलती मुस्कान ये बचपन

 

जात-पात से  है अनजान

मस्ती की है ये पहचान

दिल को भाता मेहमान बचपन

खुशियों की दुकान है बचपन

मेरा बचपन तेरा बचपन

सबसे सुंदर प्यारा बचपन

रामेश्वरी(नादान)

 

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