#Kavita by Reeta Jaihind Hathrasi

गिफ्टं शरणम् गच्छामि ( new year ) विशेष
( हास्य कविता )
नया साल नई उमंगें लेकर आया l
मैंने भी बिल्कुल वक्त न किया जाया ll
सोचा सबको विश कर आऊँ न्यू ईयर l
पहले पड़ौसी का दरवाजा खटखटाया ll
हमने पूछा कहाँ है अपनी बहन माया l
बोले अंदर चली आओ  ‘ओ ‘ माई डियर ll
हमने कहा मि0 शर्मा जी हैप्पी न्यू ईयर। l
हमें देख शर्मा जी का ईमान डगमगाया   ll
बोले कितनी सुंदर है जी आपकी काया l
फिर नौकर से सुंदर  सा गिफ्ट मँगवाया ll
गाजर टमाटर व अनार का जूस पिलाया l
आती रहा करो मायके गई है माया ll
सोचा चार – छ़ दोस्तों को विश कर आऊँ l
अब दूसरे पड़ौसी की डोरबैल बजाई  ll
दूरबीन से देख मीठी सी आवाज आई  l
वर्मा जी की बहू मुझे देख फूली न समाई ll
मैंने दी  न्यू ईयर की बहुत सी बधाई l
सौम्या बहू काजू व पकौड़ियां ले आई ll
मिठाई  संग गरमागरम चाय भी पिलाई l
अपनी सासू माँ की चुगलियां भी लगाई ll
मैं हैप्पी न्यू ईयर विश कह चली आई l
सौम्या भीतर से सुंदर सा गिफ्ट लाई ll
आपके लिए नेकलेस और दी बधाई l
चलते हुए सभी सहेलियों की याद आई  ll
फिर जाकर सभी को देकर आई बधाई l
गिफ्टों को देख मैं मन ही मन हरषायी ll
गिफ्टो का वजन इतना मैं उठा ना पाई l
मिसेज कपूर ने गाड़ी को ब्रेक लगाई ll
मैंने हैप्पी न्यू ईयर की दी बधाई l
गाड़ी में कपूर फैमिली  घर छोड़ आई ll
घर में पतिदेव को इंतजार करते पाया l
गिफ्टों से लदी देख उन्होंने मुँह फुलाया ll
बोले सारा वेतन पलक झपकते उड़ाया l
कैसे मनाएँगे नया साल कहाँ सेआया ll
मैंने एक साँस में सब किस्सा कह सुनाया l
सुनकर पतिदेव भी मंद मंद मुस्कराया ll
सुबह सभी को मिठाई का डिब्बा भिजवाया l
नववर्ष पर पार्टी का आयोजन करवाया l
देशसेवा समाजसेवा का संकल्प उठाया ll
सभी ने हर्षोल्लास से नया साल मनाया l
अब तो हर काम की मुझसे ही सलाह लेते ll

नारी ही लक्ष्मी नारी ही देवी है कहते ,
दोस्तों में हरदम एक ही श्लोक रटते ,,,,

यत्र नारीस्य पूज्यते  l
रमन्ते तत्र देवता ll

गिफ्ट की माया राम रंग अब समझ में आया ,,,,

न्यू ईयर गिफ्ट नमामि!
गिफ्टं शरणम् गच्छामि !!

*रीता जयहिंद हाथरसी* ( दिल्ली ) © 🇮🇳 ✍🏽
mob no. 8368851064 , 9717281210

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