#Kavita By Reetu Devi

वीर सपूत अभिनंदन
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वीर सपूत अभिनंदन, अभिनंदन, अभिनंदन
पलक बिछाए खड़े, पुष्प लिए करने अभिनंदन।
शुभ घड़ी है आयी, सबका प्रफुल्लित अन्तर्मन
हिलमिल सकल राष्ट्र गा रहे शौर्य वंदन।
रजत हिमालय कर रहा, पहना मुकुट मारूति नंदन को अभिनंदन,
सम्पूर्ण राष्ट्र संग झूमे कानन नंदन।
कोयल संग पक्षीगण कर रहे हैं मधुर गान,
चहुँ दिशा हो रहा है विरता का जयगान।
होली, दिवाली मनायी जा रही सबके आँगन,
सब हृदयतल कर रहे लम्बी उम्र की अर्चन।
है वह अपूर्व कुंदन, माँ करती माथे तिलक चंदन,
वीर सपूत अभिनंदन का करते हैं शत शत अभिनंदन।
रीतु देवी
दरभंगा, बिहार

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