#Kavita By Reetu Devi

मुस्कान
***
तेरे देख-देख सनम प्यारी मंद मुस्कान,
घायल हो गयी है आपकी जान।
संग-संग सहेलियाँ भी हैं बौरायी हुई,
हौले से पुरवाई छूकर प्रेम अगन जलायी हुई।
मादकता से भरी तेरी मुस्कान,
चितचोर बना दी अपने आनन
जी चाहे तुझे ही निहारती रहूँ,
नयनों को नयनों से मिलाती रहूँ।
बिन तेरे रैना न बीते,
तझे कोई देखे दिल जले,
रब से तुझे ही बस माँगा,
दो वदन एक होने की दर्द जागा।
तेरे मुस्कान हैं खिलते पुष्प
अटक गयी है नैना तेरे मनभावन रूप
प्यार की अलख जगा बना दिए
जोगन
तेरी गुण गाती रहती मगन।
रीतु देवी।
दरभंगा, बिहार

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