#Kavita by Rifat Shaheen

एक सफ़र जारी है

हाल्ट हैँ

उदासी,आहें, आँसू, बेचैनी,शक,गलतफहमी,

बदगुमानी,उलझन ,कश्मकश

ए सफीर ….मेरे सफीर

सफर जारी रख मंज़िल मत दे मुझे

बस मेरे सफ़र को खुशनुमा कर दे

तुझे उन लम्हों का वास्ता

जिसमे हम खुल कर मुस्कुराये थे

150 Total Views 3 Views Today
Share This

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *