#Kavita by Rifat Shaheen

एक सफ़र जारी है

हाल्ट हैँ

उदासी,आहें, आँसू, बेचैनी,शक,गलतफहमी,

बदगुमानी,उलझन ,कश्मकश

ए सफीर ….मेरे सफीर

सफर जारी रख मंज़िल मत दे मुझे

बस मेरे सफ़र को खुशनुमा कर दे

तुझे उन लम्हों का वास्ता

जिसमे हम खुल कर मुस्कुराये थे

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