#Kavita by Rishabh Tomar Radhe

मित्रता नेक

मोहन सुदामा सा

न कोई मित्र

 

मोहबत से

जहाँ में बनती है

प्यारी मिसाल

 

खिंचता चित्र

प्यार औऱ दोस्ती में

वो प्यार मित्र

 

बन के इत्र

चमन सा महका

वो प्यारा मित्र

 

लुटाते जाने

करते है चाहत

वो मेरे यार

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