#Kavita by Roshan Chitranjan & Mamta Khandelwal

सोच रहा था तुम्हारे बारे मे कुछ लिखू ,

मुहब्बत लिखू या वफा लिखू ….

 

हर वक्त रहता हैं जेहन मे तेरा ही चेहरा

अपनी जिन्दगी लिखू या तुम्हारा मुहब्बत लिखू …

 

वफा के नगमे लिखता हूँ मैं

मैं अपना शब्द लिखू या तुम्हारा छन्द लिखू ….

 

तुम्हारे लिये ही लिखता हूँ मैं

तुमपे लिखू या तुम्हारे अफसाने लिखू …..

 

मैं हूँ तकदीर का मारा

तुझे अपना तकदीर लिखू या जिन्दगी लिखू …

 

करता हूँ तुम्हारा बन्दगी

तुझे अपनी जिन्दगी लिखू या तुझे आराधना लिखू ….

 

रोशन ” की हैं तू “कविता “

तुझपे कविता लिखू या तेरा ममता लिखू …

 

रोशन “चित्तरंजन /ममता खण्डेलवाल “

 

 

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