#Kavita by Roshan Chitranjan Mamta Khandelwal

आज का दिन बूराई पर अच्छाई की जीत का दिन है

पर कहने को है

 

आज के दिन रावण का दहन  होता है

पर क्या इस दहन से रावण खत्म होता है

आज हर गली में रावण है

पर हर गली में राम कहा है

हर गली में कंश है

पर वो कृष्ण कहा है

हर नुक्कर पे अत्याचार होता है

पर वो कृष्ण कहा है

हर गली में चीर हरण होता है

बचाने बाला वो कृष्ण कहा है

कहते है मैं राम जैसा हूँ

पर लक्ष्मन जैसा भाई कहा है

हम एक रावण को तो मारते है आज

अपने अंदर छूपे हुए रावण को क्यों नहीं मारते आज

अपने बारे में सोचते है सब

दुसरे के बारे में क्यों नहीं सोचते है सब

क्यों आज रावण बनता है सब

क्यों कोई राम नहीं अब

क्या कोई राम जैसा नहीं बन सकता

क्या कोई कृष्ण जैसा नहीं बन सकता

क्या ऐसे है विजयदशमी हर साल मनायी जायेगी

हर साल ऐसे ही आयेगा

और चला जायेगा

 

रोशन ” चित्तरंजन /ममता खण्डेलवाल “

496 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.