#Kavita by Roshan Chitranjan Mamta Khandelwal

सुनिये कविता ,

मैं कोई भगवान तो नहीं की अपना दिल निकाल के बताऊँगा

पर भगवान शिव गवाह हैं मैं आपके लिये ही लिखता हूँ और लिख पाऊँगा

 

आप मेरी जिन्दगी है ,और भला मैं किसपे लिखूँगा

करता हूँ मुहब्बत इतना की अगले जन्म में भी साथ निभाऊँगा

 

हैं भगवान शिव की कसम अब आपका दिल कभी ना दुखाऊँगा

आपकी खुशी के खातिर अपना जान निछाबार कर जाऊँगा

 

नहीं चाहिए मुझे किसी का साथ

सिर्फ आपका साथ चाहूँगा

 

गर यकीन नहीं हो तो सिन्दुर से पुछ लेना आप

कसम हैं अपनी मुहब्बत की आपको कभी ना भूल पाऊँगा

 

वादा करता हैं आपसे “रोशन ”

आपकी खुशी के लिये कुछ भी कर जाऊँगा

 

आप रो रही हैं अभी , मैं कैसे ना रो पाऊँगा

बस एक बार मुझे माफ कर दो ,दूबारा ना कभी दिल दुखाऊँगा

 

मैं चाहे कही भी लिखू , चेहरा आपका ही सामने होता हैं

मैं आपके बिना “कविता ” कभी नहीं लिख पाऊँगा ,

 

बस आखरी सुनलो ,

 

मैं तुझमे हूँ तुम मुझमे हो ,भला कोई कैसे अलग कर  पायेगा

मेरी रूह में बस्ती हो तुम , तुम्हारे बिना मैं कैसे जी पाऊँगा …

 

रोशन “चित्तरंजन /ममता खण्डेलवाल “

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