#Kavita by Sanjay Ashk Balaghati

अवतारो श्रीगणेश

नेता झाड रहा है भाषण
गरीब को नही मिल रहा है राशन
चिंता मे है मजदुर-किसान
झुठो की मस्त चल रही है दुकान
मिटाने दुनिया से द्वेष-क्लेष
फिर जमी पर अवतारो श्रीगणेश
….
सच्चाई पर लगा यहां पर बैन है
आज युवां सनी लियोन का फैन है
अंधविश्वास खूब चल रहा खैल है
छछूंदर के सर चमेली का तेल है
लादेनो ने धरा है गांधीजी का भेष
फिर जमी पर अवतारो श्रीगणेश
……
पढे-लिखे लोग बेरोजगार बैठे है
जगह-जगह खूले बीयरबार बैठे है
अपने आपको भूल चुका है इंसान
बडो का नही करता है मान-सम्मान
इंसानियत के बचे है बस अवशेष
फिर जमी पर अवतारो श्रीगणेश
….
सरकार बना रही है खूब उल्लू
जनता के हाथ बाबाजी का ठूल्लू
सडके खराब,स्कूलो की हालत जर्जर
कैसे जले दीप साक्षरता का घर-घर
शिक्षक बेचारे है यहां साधनलेष
फिर जमी पर अवतारो श्रीगणेश
…..
राज भारतदेश मे जंगल चल रहा है
वो लाश उठा मीलो पैदल चल रहा है
सारा का सारा सिस्टम ही लाचार है
हद से ज्यादा फैला यहां भ्रष्टाचार है
हर बात के लिये चलता है कैश
जमी पर अवतारो फिर श्रीगणेश

संजय अश्क बालाघाटी
मप्र

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