#Kavita by Sanjay Ashk Balaghati

जब-जब वो मुंह की खाते है
उनको श्रीरामजी याद आते है।

पांच साल नाम तक नही लेते
चुनाव मे मंदिर-मंदिर गाते है।

वो भूल गये पर जनता जानती है
हर दंगो से उनसे रिस्ते-नाते है।

न खाऊंगा न खाने दुंगा बोल
राफेल घोटाले मे करोडो खाते है।

मंदी मंहगाई से देश जूझ रहा है
वो हवा मे उडकर विदेश जाते है।

करोडो खर्च करते है विज्ञापनो पर
रोज तस्वीर के साथ नाम आते है।

सारी स्कीम योजना कागजो मे है
वो बातो से जनता को लुभाते है।

चाय से लेकर कालाधन का सच
झुठ से उनके बचपन से नाते है।

संजय अश्क बालाघाटी
9753633830

Leave a Reply

Your email address will not be published.