#Kavita By Sanjay Ashk Balaghati

नाकाम तरिका…..

खतो को जला दिया तसवीर हटा दी
जिंदगी से उसकी हर निशानी मिटा दी
मगर हर लमहा उसी का देता पैगाम रहा
उसे भुलाने का हर तरिका नाकाम रहा

बहोत कोशीश की कई राह अपना लिया
मयखाने जाकर सागर तक उठा लिया
मगर खयालो मे उसका आना आम रहा
उसे भुलाने का हर तरिका नाकाम रहा

हंसिनो की गलियो मे दिल बहलाया खूब
मिले वहा कई हमदम सनम मेहबूब
मगर दिल उसी का बस लेता नाम रहा
उसे भुलाने का हर तरिका नाकाम रहा

ये खयाल लिये छोडा था उसका शहर
रहकर दूर उससे जांऊगा उसे बिसर
पर दिल मे कहीं उसकी यादो का धाम रहा
उसे भुलाने का हर तरिका नाकाम रहा।

संजय अश्क
पुलपुटटा बालाघाट
मप्र

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