#Kavita by Sanjeev Kumar

आज के युग में मैंने क्या क्या नही देखा

अपनों का खून करते हुए अपनों को देखा

रिश्तों के बदले पैसों को अनमोल होते देखा

आज के युग मे………….

नेताओं को कानून जेब में रखते हुए देखा

भ्रष्टाचारियों को राजनीति करते हुए देखा

मासूम बच्चियों से हैवानियत होते हुए देखा

आज के युग में…………..

पैसों से सब कुछ बिकते हुए देखा

दहेज़ की खातिर बेटियों को जलते हुए देखा

बेटियों के दुष्कर्मियों को खुले घूमते हुए देखा

आज के युग में……………

बाप से बेटे को लड़ते हुए देखा

माँ को घर से निकालते हुए बेटे को देखा

जमीन की खातिर भाई-भाई को लड़ते हुए देखा

आज के युग में ……………..

 

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One thought on “#Kavita by Sanjeev Kumar

  • April 4, 2017 at 1:36 am
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    ✍✍✍ bhai copy ki hui lagti h

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