#Kavita by Saurabh Yadav Surya

तेरा भी रक्त लाल  हैं, मेरा भी रक्त लाल हैं ।

 

फिर भेदभाव क्यो बना, कमाल हैं कमाल हैं।

 

वतन के लिए भगत ने कुर्बानी दी हँस के।

 

अशफाक ने इस देश को जवानी  दी हँस के।

 

रखता हैं बैर इसका नहीं करता हैं तु ख्याल ।

 

तेरा भी रक्त लाल हैं, मेरा भी रक्त लाल ।

 

….कमाल हैं कमाल हैं कमाल

 

रामजन्म भूमि पर उत्पात किया हैं ।

 

मजिस्द बना के विश्वास मे भी  घात किया हैं ।

 

इस देश को कही से न आबाद किया हैं ।

 

माँ भारती को हर तरह बर्बाद किया हैं ।

 

होकर हमारे भाई ,न मिलाया हैं सुर-ताल ।

 

तेरा भी रक्त लाल हैं, मेरा भी रक्त लाल।

 

….कमाल हैं कमाल हैं कमाल

 

सौरभ यादव सूर्य

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