#Kavita by Shambhu Nath

होली में दादा जी आयेगे ॥
लायेगे पिचकारी ॥
दादी जी ने अभी से ही ॥
कर रखी है तैयारी ॥
मिष्ठान बहुत दादा लायेगे ॥
आयेगा मुझको कपड़ा ॥
दादी जी को साड़ी आयेगी ॥
चाचा करेगे झगड़ा ॥
सुबह शाम सीचेंगे दादा ॥
अपनी ये फुलवारी ॥
दादी जी ने अभी से ही ॥
कर रखी है तैयारी ॥
पकवान बनेगा होली में घर पर ॥
बुआ बुलायी जायेगी ॥
पाप के संग मेरी मम्मी ॥
दिल्ली से आ जायेगी ॥
रंग घोल के भर पिचकारी ॥
मारूँगा बारी बारी ॥
दादी जी ने अभी से ही ॥
कर रखी है तैयारी ॥
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