#Kavita by Shivansh Bhardwaj

कविता

 

 

तुम हमे दिखती क्यों नही

आँखों में मेरे प्यास बहुत हैं

है ज़रूरत तुम्हें देखने की

हमको ये आस बहुत हैं

 

ये हसीन चेहरा दिल में है

है मुझे तुमसे मिलना भी

तुम हसीन हो मेरी नज़रो में

तुम भी मुझे रोज दिखना भी

 

एक उम्र ज़रूर लगी इस तऱफ

तुम हमपर कभी मेहरबान हो

हम दोनों कुछ बातें करे

सर के ऊपर आसमान हो

 

दिल में कुछ बात हो

रोज थोड़ी मुलाक़ात हो

सामने हो तुम रोज वही

हसीन कुछ पल की बरसात हो

 

 

-शिवाँश भारद्वाज

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