#Kavita by Sumit Bhardwaj

देश भक्तों को समर्पित चार पंक्तियाँ

 

चंद फिरंगियों ने लूटा था भारत माँ के आँचल को,

उस माँ के तन से लूटे सारे जेवर को भूल गये,

जिन वीरों ने प्राणों की आहुति दी देश पर,

उन वीरों के बहे खून के सरोवर को भूल गए,

जिसने डायर को मारा था घर मे घुस कर के देखो,

उस ऊधम सिंह के जोशीले तेवर को भूल गये,

बाबर तो याद रहा, और याद रहा हुमायूं,

सीने पे गोली खाये चंद्र शेखर को भूल गए।

 

 

✍🏻सुमित भारद्वाज

‘लखनऊ’

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