#Kavita by Sunil Gupta

“लौट आओ जीवन में साथी”
“लौट आओ जीवन में साथी,
कुछ तो अपनत्व की-
चाहत होगी।
सपनो में ही सही साथी,
कुछ तो मन से-
मन की बात होगी।
कितने भी गिले-शिकवे हो,
साथी जीवन में-
फिर मुलाकात होगी।
मिटेगी कटुता जीवन से,
संबंधों में-
खुशियो की बरसात होगी।
महक उठेगा जीवन सारा,
पूनम की वो-
रात होगी।
कुछ सच्ची-कुछ झूठी,
कुछ तो अपनी-
बात होगी।
लौट आओ जीवन मे साथी,
कुछ तो अपनत्व की –
चाहत होगी।।”

सुनील कुमार गुप्ता

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